मेरे छह लघु कथा संग्रह - नवधा , संचयन , मधु कलश , मंजूषा , इंद्रधनुष , उड़ान
मुझे लगता है की छोटी -छोटी बातें शीघ्रता से मन में उतरती हैं I शायद इसी कारण से सूक्तियों का प्रचलन हुआ और सूक्तियाँ लोकप्रिय भी हुई I मेरे लिए मेरी लघुकथाएँ जीवन के विविध पक्षों को उजागर करने वाली सूक्तियाँ हैं I






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