मेरे छह लघु कथा संग्रह - नवधा , संचयन , मधु कलश , मंजूषा , इंद्रधनुष , उड़ान

 


मुझे लगता है की छोटी -छोटी बातें शीघ्रता से मन में उतरती हैं I शायद इसी कारण से सूक्तियों का प्रचलन हुआ और  सूक्तियाँ लोकप्रिय भी हुई I मेरे लिए मेरी लघुकथाएँ  जीवन के विविध पक्षों को उजागर करने वाली सूक्तियाँ हैं I 







                    




आज लघुकथाएँ अधिक लोकप्रिय  हैं I छात्र जीवन ,  कहानियों  को पढ़ लेना आज भी सबके  लिए  संभव है I इन कहानियों में जीवन की सीख के साथ नैतिक मूल्यों का आदर्श भी है I     

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